


रोती-बिलखती गर्भवती इदिरा की पुकार, जिसके भीतर एक पत्नी का डर और एक मां की चिंता दोनों समाई हैं पिपरा, महोत्तरी। आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। आवाज कांप रही थी। चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 7 सितम्बर 2026। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जीवन में सफल हो, उनसे आगे बढ़े और समाज में अपना नाम बनाए।

कृतिका यादव, काठमांडू ६सितंबर । नेपाली समाज में महिलाओं को सदैव देवी, माता और सम्मान का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 6 सितम्बर 2026। शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का दिन नहीं, बल्कि उन सभी व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने हमारे जीवन को ज्ञान, संस्कार और सही

काठमांडू, भाद्र २१ – मैथिली के सशक्त हस्ताक्षर डा. रेवतीरमण लाल नहीं रहे । लाल का जन्म २ मार्च १९४३ को धनुषा जिला के देवडिहा गा.वि.स. वा.न. ३ खिरखिरिया गाँम में हुआ था । इन्होंने मैथिली विषय में पीएच.

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी अंक अगस्त, ६ सितंबर। लोकतंत्र संवाद, सहमति और विधि के शासन पर आधारित व्यवस्था है ।

रिश्तों को बड़े शब्द नहीं, छोटे संस्कार बचाते हैं एक साथ रहते हुए भी कितने अकेले हो गए हम कृति आरके जैन, बड़वानी (मप्र) ५ सितम्बर।

अजयकुमार झा, जलेश्वर। हाल में प्रदर्शित ‘हनुमान अंश’ ने जिस प्रकार सीमित बजट, बिना किसी बड़े सुपरस्टार और अपेक्षाकृत कम प्रचार के बावजूद दर्शकों के बीच असाधारण लोकप्रियता अर्जित की है, उसे केवल एक फिल

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 5 सितम्बर 2026। जन्माष्टमी आते ही मंदिर सजते हैं, घरों में उत्सव का माहौल बनता है, बच्चे कृष्ण और राधा का रूप धारण करते हैं और चारों ओर ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे गूंजने लगते हैं।

बिमल सरार्फ, रक्सौल, 4 सितम्बर 2026। मनुष्य जितना अपने जीवन से नहीं, उससे कहीं अधिक दूसरों से अपेक्षाएँ रखकर दुखी होता है।